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महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस 2024 के अवसर पर स्थानीय छुट्टी घोषित किया है।

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस 2024 के अवसर पर स्थानीय छुट्टी घोषित किया है।
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महाराष्ट्र सरकार ने भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 6 दिसंबर, 2024 (शुक्रवार) को मुंबई शहर और मुंबई उपनगरीय जिलों में स्थानीय अवकाश (Local Holiday) घोषित किया है। यह निर्णय प्रत्येक वर्ष की तरह डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर देशभर, विशेषकर महाराष्ट्र से लाखों अनुयायी मुंबई स्थित चैत्यभूमि (दादर) पहुँचकर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, यातायात व्यवस्था तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य सरकार हर वर्ष स्थानीय अवकाश घोषित करती है, जिससे सरकारी कर्मचारियों एवं नागरिकों को इस ऐतिहासिक अवसर पर भाग लेने में सुविधा मिल सके।

महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार 6 दिसंबर, 2024 को मुंबई एवं मुंबई उपनगर जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी राज्य सरकार तथा अर्ध-सरकारी कार्यालयों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

यह आदेश 18 सितंबर, 1996 को जारी सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महापरिनिर्वाण दिवस के महत्व को देखते हुए यह अवकाश स्थानीय स्तर पर लागू रहेगा।

राज्य सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य केवल अवकाश देना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करना भी है।

यह स्थानीय अवकाश विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में लागू होगा—

  • मुंबई शहर जिला
  • मुंबई उपनगर जिला

इन दोनों जिलों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले राज्य सरकार के कार्यालय, अर्ध-सरकारी कार्यालय, तथा संबंधित प्रशासनिक संस्थानों में 6 दिसंबर को स्थानीय अवकाश रहेगा।

हालाँकि, आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएँ जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य अनिवार्य सेवाएँ अपनी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्य करती रहेंगी।

सरकार द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि यह निर्णय 5 नवंबर, 1958 के सरकारी संकल्प क्रमांक पी एंड एस. पी-13/II/बी में निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार लिया गया है।

इसी सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत स्थानीय महत्व के अवसरों पर संबंधित जिलों में स्थानीय अवकाश घोषित करने का प्रावधान है। महापरिनिर्वाण दिवस महाराष्ट्र के सामाजिक और ऐतिहासिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होने के कारण यह स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

महाराष्ट्र शासन द्वारा जारी यह आदेश आधिकारिक परिपत्र के रूप में उपलब्ध कराया गया है। आदेश का संदर्भ क्रमांक 202412041118267307 है।

यह परिपत्र महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इसे डिजिटल रूप से प्रमाणित किया गया है। आदेश महाराष्ट्र के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है और इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकृत अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर भी अंकित हैं।

इस प्रकार यह आदेश पूर्णतः आधिकारिक एवं वैध सरकारी दस्तावेज़ है।

6 दिसंबर भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन वर्ष 1956 में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का दिल्ली स्थित निवास पर महापरिनिर्वाण हुआ था। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि में किया गया।

तब से प्रत्येक वर्ष लाखों अनुयायी, बौद्ध भिक्षु, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि चैत्यभूमि पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह दिन केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन माना जाता है।

महापरिनिर्वाण दिवस पर विभिन्न स्थानों पर संविधान वाचन, रक्तदान शिविर, धम्म प्रवचन, पुस्तक प्रदर्शनियाँ, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम तथा शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व का संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया।

उनके विचार आज भी शिक्षा, सामाजिक समानता, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के क्षेत्र में मार्गदर्शक हैं। यही कारण है कि महापरिनिर्वाण दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर भी है।

यदि आप मुंबई या मुंबई उपनगर में रहते हैं और 6 दिसंबर को किसी सरकारी कार्यालय में कार्य कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले संबंधित कार्यालय की कार्य व्यवस्था की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। स्थानीय अवकाश के कारण अधिकांश राज्य सरकार एवं अर्ध-सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

चैत्यभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को भी यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए, क्योंकि इस दिन बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहती है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा 6 दिसंबर, 2024 को महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मुंबई और मुंबई उपनगरीय क्षेत्रों में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाना डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रति राज्य की श्रद्धांजलि और सम्मान का प्रतीक है। यह निर्णय लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

महापरिनिर्वाण दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का संघर्ष केवल एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत में समानता, शिक्षा, न्याय और मानव गरिमा की स्थापना के लिए था। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके जीवनकाल में थे।

06-December-Local-Holiday cieculation

official circular of Maharashtra government

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